श्रीनारायण कवच

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‘श्रीनारायण कवच’ वैष्णवों के लिए एक महान कवच है, जो कि आत्मरक्षा के लिए विशेष कारगर है । शास्त्रों के अनुसार प्राय: सभी पाठ पूर्वाभिमुख होकर किये जाते हैं, परन्तु; नारायण कवच का पाठ उत्तराभिमुख होकर किया जाता है ।

हर एक व्यक्ति ज़िंदगी में खुशियाँ चाहता है, पर कभी कभार ऐसा लगने लगता है कि जैसे ख़ुशियों को किसी की नज़र लग गई है । पहले जैसी ख़ुशनुमा ज़िंदगी माने खो सी गई है । उत्साहरहित जीवन…. मानो अब कुछ नहीं हो सकता । पर विश्वास मानिये ऐसा कुछ नहीं है, यदि विधि विधान से निर्मित व धारण किया हुआ नारायण कवच आपके साथ है तो उम्मीद ज़िन्दा है । ये जीवन उत्साह, उमङ्ग और आनन्द से भरपूर है ।

आप अपनी व अपनों की ज़िंदगी को आनन्द से भरपूर रखने के लिए आज ही नारायण कवच मँगवायें ।

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Description

कवच:

किसी भी कवच का विशिष्ट मुहूर्त में किया गया निर्माण सिद्धि देने वाला होता है । होली, दीपावली, सूर्यग्रहण अथवा चन्द्रग्रहण मुहूर्त, सिद्धि देने के लिए विशेष माने गये हैं ।

वैदिक यात्रा गुरुकुल परिवार ने उक्त मुहूर्त में ही आत्मरक्षा के लिए कुछ रक्षा कवच के निर्माण, विप्र जनों के द्वारा विशिष्ट देखरेख में करवाये हैं, साथ ही इन्हें सिद्ध भी किया गया है ।