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3 जुलाई
2019
उचित आहार-विहार और व्यवहार से दीर्घायु बनें

परमात्मा ने इस संसार में सभी को दीर्घायु बनाया है । लेकिन अनुचित आहार-विहार द्वारा अपने आयु को क्षय करता है आज का मानव । इसलिए नियम पूर्वक जीवन जीते हुए पूर्ण आयु प्राप्त करना प्रत्येक मनुष्य का धर्म है । ( ऋग्वेद १०/१८/६ )

3 जुलाई
2019
बड़ों को सम्मान देने वाला यशस्वी होता है ।

अपनी समृद्धि के विस्तार में किसी प्रकार का प्रमाद ( आलस्य ) मत करो । ज्ञान के विस्तार में, विद्याध्ययन करने में कभी आलस्य नहीं करना चाहिए ।

3 जुलाई
2019
अलौकिक है परमात्मा की दिव्यता

परमात्मा अनादि है, जिनको जान लेने पर कुछ भी जानना शेष नहीं रह जाता है । इसी भावना को भगवान् श्रीकृष्ण ने अर्जुन को माध्यम बनाकर कहा -“अर्जुन ! तुम मेरे परम प्रिय हो, मैं तुम्हारे हित के लिए कहता हूँ, सुनो “मेरे प्रगट होने को न देवता जानते है न महर्षि, क्योंकि मैं सब प्रकार से देवताओं और महर्षियों का भी आदि हूँ ।

3 जुलाई
2019
जीवन में ज्ञान और कर्म का समन्वय जरूरी

किसी भी धार्मिक ग्रन्थ, वेदमन्त्र या पाठ्य पुस्तकों को रटने से वास्तविक लाभ नहीं मिलता, हमें तो उस पुस्तक में लिखे नियमों को अपने जीवन में धारण करना चाहिए ( ऋग्वेद १/२२/१९ )

Vaidik Sutra